Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi Here
खंड 4: बकाये की मांग और प्रमाण पत्र जब कोई व्यक्ति सरकार को कोई धनराशि (जैसे भू-राजस्व, कर आदि) चुकाने में चूक करता है, तो संबंधित अधिकारी उसे देय राशि का 'प्रमाण पत्र' (Certificate) जारी करता है। इस प्रमाण पत्र में बकाया राशि और व्याज का विवरण होता है।
खंड 7: प्रमाण पत्र का परिणाम प्रमाण पत्र जारी होने के बाद, यह एक 'डिक्री' (Decree) के समान माना जाता है, जो सिविल न्यायालय द्वारा पारित हो। इसका अर्थ यह है कि इस बकाये को लेकर अब साधारण सिविल कोर्ट में अलग से मुकदमा दायर करने की आवश्यकता नहीं होती, और वसूली की कार्रवाई सीधे इस प्रमाण पत्र के आधार पर शुरू हो जाती है। Poorly scanned OCR or automated translations can introduce
खंड 8 से 11: वसूली के तरीके प्रमाण पत्र अधिकारी को वसूली के लिए व्यापक अधिकार प्राप्त होते हैं, जैसे: Poorly scanned OCR or automated translations can introduce
खंड 36: अवरोध या रोक (Obstruction) यदि कोई व्यक्ति वसूली अधिकारी के काम में बाधा डालता है या झूठी बातें कहता है, तो उसे दंडित किया जा सकता है। Poorly scanned OCR or automated translations can introduce
यदि देनदार प्रमाणकारी अधिकारी के आदेश से संतुष्ट नहीं है, तो वह जिला कलेक्टर या आयुक्त (Commissioner) के पास अपील कर सकता है।
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