बाद में, वे रिवेंडेल पहुँचे – एल्फ-प्रभु एलरोंड का घर। यहाँ झरने चाँदी की तरह बहते थे, और पत्तियाँ सुनहरी लगती थीं। एलरोंड ने उनके मानचित्र पर "मून रून्स" पढ़े और बताया कि डुरिन डे (नए साल का दिन) पर सूरज और चाँद की आखिरी रोशनी एक गुप्त दरवाज़े को खोलेगी।
बिल्बो ने रिवेंडेल में शांति पाई। उसने एल्फ-रानी के गीत सुने, जादूई खाना खाया, और पहली बार महसूस किया कि वह सिर्फ एक हॉबिट नहीं, बल्कि कुछ और भी बन सकता है।
चीलों ने उन्हें एक ऊँची चट्टान पर उतारा। गैंडालफ़ ने कहा, "तुमने अच्छा किया, बिल्बो बैगिन्स। तुम उस हॉबिट से कहीं बढ़कर हो, जो सुबह छह बजे नाश्ता करता है।" the hobbit an unexpected journey in hindi dubbed 169 new
बौनों ने बिल्बो के कंधे पर हाथ रखा। थोरिन ने भी पहली बार गर्व से कहा, "तुम ठीक हो, हॉबिट।"
बिल्बो ने दूर पूर्व की ओर देखा – जहाँ एक अकेला पहाड़ धुँधले आकाश में उठ रहा था। वहीं था एरेबोर – ड्रैगन स्मॉग का पहाड़। वहीं उनकी असली यात्रा शुरू होनी थी। जादूई खाना खाया
अगली सुबह, बिना रुमाल, बिना पॉकेट रूमाल के – बिल्बो ने अपना बिल छोड़ा। यह उसकी ज़िंदगी की सबसे बुरी और सबसे बेहतरीन सुबह थी।
रास्ते में वे जंगलों, नदियों और पहाड़ियों से गुज़रे। एक रात, भटकते हुए वे तीन विशाल ट्रोल्स के जाल में फंस गए – टॉम, बर्ट और विलियम। ट्रोल्स ने बौनों को थैलों में बंद करके आग पर भूनने की तैयारी कर ली। बिल्बो ने ट्रोल्स का ध्यान भटकाने की कोशिश की, लेकिन वह भी पकड़ा गया। "तुमने अच्छा किया
तब गैंडालफ़ ने अपनी आवाज़ बदलकर ट्रोल्स की तरह बोलना शुरू किया। वह उन्हें सूर्योदय तक झगड़ते रहने देता रहा। जैसे ही सूरज निकला, तीनों ट्रोल पत्थर के हो गए। उनकी गुफा से बौनों ने प्राचीन तलवारें निकालीं – गैंडालफ़ को 'ग्लैमड्रिंग' (फ़ेंडर), थोरिन को 'ऑर्क्रिस्ट' (गोबिन-क्लियरर) और बिल्बो को एक छोटी लेकिन तेज़ तलवार मिली, जिसे बाद में 'स्टिंग' नाम दिया गया।